स्पेन ने दिखाया दम, जॉर्जिया को 4-1 से हराया
यूरोपीय चैंपियनशिप 2024 के राउंड ऑफ 16 में स्पेन ने जॉर्जिया को 4-1 से मात देते हुए क्वार्टर-फाइनल में जगह बना ली है। यह मैच जर्मनी के डसलडॉर्फ स्थित मर्कुर स्पील-एरेना में खेला गया, जहाँ स्पेन ने अपना दबदबा दिखाया।
पेड्री ने दिया शुरुआती बढ़त
मैच की शुरुआत से ही स्पेन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए खेल पर पकड़ बनाई। खेल के 10वें मिनट में पेड्री ने शानदार गोल कर स्पेन को शुरुआती बढ़त दिलाई। इसके बाद 23वें मिनट में फेरान टोरेस ने एक और गोल करके टीम की बढ़त को दोगुनी कर दी।
जॉर्जिया की वापसी का प्रयास
हालांकि, जॉर्जिया ने हार मानने का नाम नहीं लिया और 35वें मिनट में ख्विचा क्वारात्सखेलिया के गोल से एक गोल वापस खींचा। लेकिन स्पेन ने तुरंत ही अपनी बढ़त को और मजबूत करते हुए पहले हाफ के समाप्त होने से पहले गावी के गोल से 3-1 की बढ़त बना ली।
निको विलियम्स ने मूहर लगाईं
दूसरे हाफ में भी स्पेन ने अपना प्रदर्शन जारी रखा और 64वें मिनट में निको विलियम्स ने एक और गोल कर स्पेन की जीत को लगभग सुनिश्चित कर दिया।
कोच की प्रशंसा
स्पेन के कोच लुइस दे ला फुएन्टे ने टीम की तारीफ करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन बहुत अच्छा था और टीम ने जीत के लिए पूरी तरह से मेहनत की। उन्होंने कहा, ‘टीम ने खेल में उच्चस्तरीय मेहनत दिखाई और अपनी काबिलियत का परिचय दिया’।
वहीं, जॉर्जिया के कोच विली सैगनोल ने भी अपने खिलाड़ियों के प्रयास की सराहना की और कहा कि भले ही स्पेन बेहतर टीम थी, पर उनके खिलाड़ियों ने भी सराहनीय प्रयास किया।
आगे की चुनौती
स्पेन अब क्वार्टर-फाइनल में प्रवेश कर चुका है जहाँ उनका मुकाबला क्रोएशिया और रोमानिया के बीच के विजेता से होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या स्पेन अपने शानदार फॉर्म को बरकरार रख पाता है और आगे की चुनौतियों का सामना करता है।
मैच के हाइलाइट्स
- मैच स्थल: मर्कुर स्पील-एरेना, डसलडॉर्फ, जर्मनी
- पहला गोल: 10वें मिनट में पेड्री ने किया
- दूसरा गोल: 23वें मिनट में फेरान टोरेस ने किया
- जॉर्जिया का जवाब: 35वें मिनट में ख्विचा क्वारात्सखेलिया ने गोल किया
- तीसरा गोल: 43वें मिनट में गावी ने किया
- चौथा गोल: 64वें मिनट में निको विलियम्स ने किया
टीम के प्रदर्शन की समीक्षा
स्पेन की टीम ने इस मैच में हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया। चाहे वह आक्रमण हो, या डिफेंस, स्पेन ने हर मोर्चे पर पकड़ मजबूत बनाई रखी। गोलकीपर उना सिमोन ने भी कुछ महत्वपूर्ण बचाव किए, जिससे विरोधी टीम को और गोल बनाने का अवसर नहीं मिला।
जॉर्जिया की टीम ने भी अपने स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन स्पेन की ताकत और अनुभव के सामने वे टिक नहीं पाए।
अब देखना यह होगा कि अगले चरण में स्पेन कैसी तैयारी करता है। सभी की नजरें अब आने वाले क्वार्टर-फाइनल मुकाबले पर होंगी।
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10 टिप्पणि
ये स्पेन तो अब फुटबॉल का ब्रांड बन गया है। बस बॉल पास करते रहते हैं, और दूसरी टीमें थक जाती हैं। जॉर्जिया ने तो बस एक गोल बनाया, बाकी सब तो बस देखते रह गए। ये टीम अब फाइनल तक चलेगी, मैं बता रहा हूँ।
कोई भी टीम इनके बीच के खिलाड़ियों के सामने डिफेंस नहीं बना पाएगी। पेड्री और गावी का कॉम्बिनेशन तो एक ऐसा ऑर्केस्ट्रा है जिसे सुनकर तुम भूल जाते हो कि तुम फुटबॉल देख रहे हो।
मुझे लगता है जॉर्जिया ने बहुत अच्छा किया। एक छोटी टीम होने के नाते ये तकनीकी और भावनात्मक रूप से इतना आगे आना बहुत बड़ी बात है। ख्विचा क्वारात्सखेलिया का गोल तो बस देखने लायक था।
स्पेन तो बहुत अच्छा खेला, पर इनकी जीत के बाद भी जॉर्जिया के खिलाड़ियों को गले लगाना चाहिए। उन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि छोटे देश भी बड़े सपने देख सकते हैं।
अरे भाई, ये स्पेन का फुटबॉल तो एक नया आर्ट है। बस बॉल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं, और दूसरी टीम उसे देखकर हैरान रह जाती है। जॉर्जिया ने तो बस एक गोल बनाया, बाकी सब तो बस देखते रहे।
पेड्री का गोल? वो तो बस एक डांस था। गावी का गोल? एक बम जैसा। निको विलियम्स का गोल? बस एक अंतिम नोट। ये टीम अब फाइनल तक चलेगी, मैं बता रहा हूँ।
स्पेन ने जीत ली। बस।
अरे ये सब तो फेक है भाई! ये स्पेन के खिलाड़ियों के पास जो बॉल है, वो तो ड्रग्स से भरा हुआ है! क्या तुमने देखा वो गोल? वो तो एक बार में आया, जैसे कोई रिमोट कंट्रोल से चला रहा हो! जॉर्जिया तो बस फेक न्यूज़ वाले लोगों के शिकार बन गया।
और अगर तुम असली फुटबॉल देखना चाहते हो तो भारत का खेल देखो। वहाँ तो बिना ट्रांसमिशन के खेला जाता है। ये सब तो सिर्फ टीवी का जादू है। 😒
स्पेन का खेल बहुत साफ था। बॉल पास, जगह बनाना, टाइमिंग - सब कुछ बिल्कुल सही। जॉर्जिया ने भी अच्छा किया, खासकर उनका विंगर। अगला मैच क्रोएशिया के खिलाफ है, वो तो अच्छा टीम है। लेकिन अगर स्पेन यही खेल दे सके, तो फाइनल तक जा सकता है।
तुम सब बस इतना ही देख रहे हो? स्पेन का फुटबॉल तो बस एक लाइट शो है। बाकी कुछ नहीं। ये टीम अपने गोल्स को बनाने के लिए बॉल को बार-बार टच करती है, लेकिन वो बॉल कहाँ जा रहा है? कोई नहीं जानता।
और तुम सब इसे बड़ा बता रहे हो? ये तो बस एक बार का शो है। असली फुटबॉल तो वो है जहाँ लड़ाई हो, जहाँ दिल लगे। ये तो बस एक बार का नाच है।
स्पेन के खिलाड़ियों के बीच बॉल के बार-बार पास करने का तरीका, जिसे आप ‘टिक-टैक’ कहते हैं, वह वास्तव में एक खेल की विज्ञान है। यह अत्यधिक गति, अंतरिक्ष का अनुमान, और अवधारणात्मक ज्ञान पर आधारित है। यह न केवल एक खेल है, बल्कि एक दार्शनिक अभ्यास है।
जॉर्जिया के लिए, यह एक शिक्षाप्रद अनुभव था - लेकिन उनके अंतिम गोल के बाद, वे अपने अपने खेल की अवधारणा को फिर से परिभाषित करने के लिए वापस आए होंगे। यह न केवल एक मैच था, बल्कि एक इतिहास का निर्माण था।
भारत के लोग अभी भी इस बात पर बात कर रहे हैं कि स्पेन ने जॉर्जिया को 4-1 से हराया? अरे भाई, भारत ने तो कभी भी यूरोपीय चैंपियनशिप में जगह नहीं बनाई! ये जो बातें हो रही हैं, वो सब बस एक बड़ा झूठ है! ये स्पेन के खिलाड़ियों के पास तो बॉल के साथ जादू है! भारत के लिए तो ये फुटबॉल का दिन होना चाहिए! 🇮🇳🔥
अरे भाई, ये स्पेन तो अब फुटबॉल का ब्रांड बन गया है। बस बॉल पास करते रहते हैं, और दूसरी टीमें थक जाती हैं। जॉर्जिया ने तो बस एक गोल बनाया, बाकी सब तो बस देखते रह गए।
पेड्री और गावी का कॉम्बिनेशन तो एक ऐसा ऑर्केस्ट्रा है जिसे सुनकर तुम भूल जाते हो कि तुम फुटबॉल देख रहे हो। ये टीम अब फाइनल तक चलेगी, मैं बता रहा हूँ।
भारत के लोगों को भी इस तरह का खेल देखना चाहिए। इससे हमारे बच्चों को भी अच्छा खेल सीखने का मौका मिलेगा। 🙌⚽